महालया अमावस्या कब और क्यों मनाते हैं – When and Why is Mahalaya Amavasya celebrated? महालया अमावस्या (Mahalaya Amavasya) – जब कोई अपने इस दुनिया को छोड़ कर चले जाते हैं तो उनकी याद आना स्वभाविक है । उनके साथ बिताया गया समय, उनके हमारे लिये किये गये कार्य, और कई सारी बातें । लेकिन […]source https://hindiswaraj.com/mahalaya-amavasya-kyu-manate-he-in-hindi/?utm_source=rss&utm_medium=rss&utm_campaign=mahalaya-amavasya-kyu-manate-he-in-hindi
source https://hindiswarajcom.blogspot.com/2020/09/why-is-mahalaya-amavasya-celebrated.html
कन्या राशि परिचय – Virgo Introduction कन्या Virgo – ग्रहमण्डल 150 डिग्री से 180 डिग्री के मध्य कन्या राशि स्थित होता है ।कन्या राशि के अंतर्गत उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र के तीन चरण (टो, पा, पी), हस्त नक्षत्र के चारो चरण (पू, ष, ण, ठ) और चित्रा नक्षत्र के दो चरण (पे, पो) होते हैं । […]
सिंह राशि परिचय – Leo Introduction सिंह (Leo) – ग्रहमण्डल 120 डिग्री से 150 डिग्री के मध्य सिंह राशि स्थित होता है। सिंह राशि के अंतर्गत मघा नक्षत्र के चारो चरण (मा, मी, मू, मे), पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र के चारो चरण (मो, टा, टी, टू) और उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र के एक चरण (टे) होते हैं । […]
कर्क राशि परिचय – Cancer Introduction कर्क (Cancer) – ग्रहमण्डल 90 डिग्री से 120 डिग्री के मध्य कर्क राशि स्थित होता है । कर्क राशि के अंतर्गत पुनर्वसु के एक चरण (ही), पुष्य नक्षत्र के चारो चरण (हू, हे, हा, डा) और आश्लेषा नक्षत्र के के चारों चरण (डी, डू, डे, डी) होते हैं । […]
राशि परिचय – Gemini Introduction ग्रहमण्डल 60 डिग्री से 90 डिग्री के मध्य मिथुन राशि स्थित होता है । मिथुन राशि के अंतर्गत मृगशिरा नक्षत्र के दो चरण (का, की), आर्द्र नक्षत्र के चारो चरण (कू, घ, ड., छ) और पुनर्वसु के तीन चरण (के, को, हा) आते हैं। इसे वायु तत्व प्रधान माना जाता […]
राशि परिचय – Taurus Introduction वृषभ राशि फल (Taurus Horoscope) – ग्रहमण्डल 30 डिग्री से 60 डिग्री के मध्य वृष राशि स्थित होता है । वृष राशि के अंतर्गत कृतिका नक्षत्र के तीन चरण (ई,उ,ओ), रोहणी नक्षत्र के चारो चरण (ओ,वा,वी,वू) और मृगशिरा के दो चरण (वे, वो) आते हैं । इसे भूमि तत्व प्रधान […]