आयुर्वेद के अनुसार एवं धार्मिक मान्यताओं के अनुसार हमारा शरीर पंचतत्वों से मिल कर बना है । ये पांच तत्व है- मिट्टी, पानी, हवा, अग्नि और आकश । इन पंचतत्वों से शरीर में तीन मूलभूत धातुओं का निर्माण होता है जिसे वात, कफ और पित्त कहते हैं । यही तीन मूलभूत धातु शरीर को निरोग […] More
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आज के जीवन शैली में dieting, Intermittent fasting (IF) जैसे शब्द प्रचलन में बढ़ रहे हैं । यद्यपि हिन्दू धर्म सहित मुस्लिम, बौद्ध, जैन कई धर्मो में धार्मिक उपवास या व्रत की बात कही गई है । फिर नई पीढ़ी के लोग इसकी अवहेलना करते रहे किन्तु अब जब उपवास को विज्ञान सम्मत स्वास्थ्य के […] 
विज्ञान के विकास के साथ-साथ चिकित्सा विज्ञान का विकास हुआ है आधुनिक चिकित्सा विज्ञान जहॉं तत्कालिक परिणाम देने के लिये विख्यात हैं वहीं गंगीर से गंगीर शल्य करने में भी सक्षम है किन्तु इतने विकास के बाद भी कुछ रोग ऐसे हैंजिसे आधुनिक चिकित्सा विज्ञान नियंत्रित तो कर सकता है किन्तु जड़ से समाप्त नहीं […]
महर्षी चरक के अनुसार-”किसी चिकित्सा पद्यति में न तो कोई ऐसी पुस्तक न ही हो सकती है जिसमें भूत, भविष्य एवं वर्तमान के समस्त रोगों का नाम लिखा हो । आयुर्वेद ने बताया है कि रो भले असंख्य हों परिचित हों, अपरिचित हो, नया हो या पुराना । उनके संक्षिप्त एवं सूत्रबद्ध हैं । इसलिये […]
आयुर्वेद के अनुसार कोई भी रोग केवल शारीरिक एवं केवल मानसिक नहीं होता अपितु यदि शारीरिक रोग हो जाये तो इसका सीधा-सीधा प्रभाव मन पर और यदि मानसिक हो जाये तो इसका सीधा-सीधा प्रभाव शरीर पर निश्चित रूप से पड़ता है । इसी कारण आयुर्वेद का एक सफल वैद्य अपने रोगी के केवल रोग के […]
आयुर्वेदिक उत्पाद एक व्यक्तिगत देखभाल और स्वास्थ्य संबंधी उत्पाद हैं जो औषधीय उपचार प्रयोजनों के लिए उपयोग किए जाते हैं। महिलाओं के शिक्षित होने की दर अधिक होने एवं कामकाजी महिलाओं की संख्या में वृद्धि होने कारण तथा ब्यूटी प्रोडक्ट में लगातार रसायनों के बढ़ते दर के कारण महिलयां व्यक्तिगत देखभाल के लिये हर्बल सौदर्य […]